सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दुस्ताँ हमारा
*✍🏻सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दुस्ताँ हमारा।👇🏻*
*सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दुस्ताँ हमारा*
*हम बुलबुले हैं इसकी, वो गुलसिताँ हमारा।*
*ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वत़न में*
*समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा।*
*पर्वत हो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का*
*वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा।*
*गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ*
*गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनाँ हमारा।*
*ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको*
*उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा।*
*मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना*
*हिन्दी हैं हम वतन है, हिन्दुस्ताँ हमारा।*
*यूनानो मिस़्र, रोमाँ, सब मिट गए जहाँ से*
*अब तक मगर है बाक़ी, नामो निशाँ हमारा।*
*कुछ बात है की हस्ती, मिटती नहीं हमारी*
*स़दियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा।*
*'इक़बाल' कोई मह़रम, अपना नहीं जहाँ में*
*मअ़्लूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहाँ हमारा।*
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